Description
About the Author
मेहेर अंसारी को बचपन से ही लिखने का शौक रहा है। वह उर्दू, हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं में लिखती रही हैं। उन्होंने घर पर ही हिंदी की देवनागरी लिपि सीखकर उर्दू की अपनी कविताओं को हिंदी में लिखना शुरू किया। मेहेर तीनों ही भाषाओं में न सिर्फ कविताएं, बल्कि विभिन्न विषयों पर लेख और कहानियां भी लिखती रही हैं जो तीनों ही भाषाओं की पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित भी हो चुकी हैं। उनकी रचनाएं न सिर्फ बच्चों के लिए, बल्कि बड़ों के लिए भी होती हैं। अब वे अपनी रचनाओं को पुस्तक का रूप देना चाहती हैं। उनकी यह पहली पुस्तक आपके हाथ में है। मेहेर ने कुछ अरसे तक स्कूल और कॉलेज में विज्ञान भी पढ़ाया। इसके अलावा वे प्रसिद्ध प्रकाशन कंपनी मैकमिलन की वेस्टर्न ब्रांच की एडिटर भी रह चुकी हैं। पुस्तकों को प्रकाशित कराने के काम में उनके सुपुत्र श्री ज़की अंसारी का भरपूर सहयोग रहा है। आशा है उनकी यह पहली पुस्तक पाठकों को जरूर पसंद आएगी।





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